हिंडौन निजामत
हिंडौन सिटी रियासत काल के दौरान जयपुर रियासत का निजामत मुख्यालय था इसके अंतर्गत 6 तहसीलें आती थी जो कि वर्तमान में हिंडोन टोडाभीम और महुआ उपखंड के रूप में स्थित है.
यह बड़ा, खुला नगर हुआ करता था, जो एक प्राचीर से घिरा हुआ है, एक विस्तृत शहर था, जिसमें कई बेहतरीन इमारतें थीं, यहां बडा बाजार और आबादी अधिक व घनी थी। The Imperial Gazette of India सर्वे के अनुसार नगर में एक डाकघर, 6 स्कूलों में लगभग 230 विद्यार्थी, और 4 रोगियों के लिए रुकने की व्यवस्था के साथ एक अस्पताल था । दो नगर और सभी छह तहसीलों में 411 ग्राम थे।
दक्षिण में करौली रियासत उत्तर पूर्व की ओर भरतपुर रियासत उत्तर की ओर अलवर रियासत पश्चिम दिशा में दौसा निजामत पश्चिम दक्षिण दिशा में गंगापुर (कुशलगढ़) निजामत
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| Princely Hindaun Nizamat Map |
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| The Imperial Gazette of India |
रियासत कालीन तहसीलें
1. हिंडौन
हिण्डौन नगर (नगर)
2. घोंसला
3. महवा
4. रतन जिला (कटकड़)
5. टोडाभीम
टोडाभीम (नगर)
6. बालघाट
मराठों का आक्रमण
सन 1732 में मराठों ने बाजीराव पेशवा के नेत्रत्व में मालवा पर आक्रमण किया और जयपुर रियासत की हिंडौन और सांभर पर कबजा कर लिया
हिंडौन सिटी मराठों के विध्वंस और लूटपाट से पहले का अच्छा विकसित औद्योगिक शहर था। पहले यहां अच्छी सड़कें थी जो अन्य नगरो से अच्छी तरह से जुडी हुई थी, बड़ा औद्योगिक बाजार, प्राचीर से घिरा हुआ नगर यहां घनी और बड़ी आबादी रहती थी। कई बड़े मंदिर, महल, इमारतें और किले थे जो आज भी जीर्ण शीर्ण अवस्था में स्थित हैं। लेकिन मराठों के आक्रमण और लूटपत ने शहर की बिलकुल खत्म कर दिया । किलाबन्दी में एक मात्रा तबाह खंडर और टूटी प्राचीर के अलावा कुछ बाकी नहीं बचा, लेकिन कुछ वर्षों के बाद धीरे-धीरे मराठों की तबाही से उबर गया और अच्छी स्थिति में वापस आ गया।
ब्रिटिश शासन
ब्रिटिश काल की अनेक क्रांतिकारी और गैरक्रांतिकारी घटनाऐं यहां से जुड़ी हुई हैं क्योंकि ब्रिटिश काल के दौरान यहां से कई प्रमुख मार्ग गुजरते थे जिनमें से जंक्शन रोड नसीराबाद से आगरा और जयपुर-दौसा-आगरा शाखा सड़कें, दौसा से महू।


